डॉ. गोविंद सिंह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1974–75 में छात्र राजनीति से की। वे शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, जबलपुर के छात्रसंघ अध्यक्ष और जबलपुर विश्वविद्यालय छात्र संघ की कार्यकारिणी सदस्य रहे। इसके बाद उन्होंने सहकारी संस्थाओं और स्थानीय प्रशासन में नेतृत्व निभाया:
1979–1985: लहार में सहकारी विपणन संस्था के अध्यक्ष के रूप में लगातार निर्वाचित, किसानों और ग्रामीण व्यापारियों के लिए प्रभावी काम।
1984–1986: जिला सहकारी भूमि विकास बैंक, भिण्ड के निदेशक।
1985–1987: नगरपालिका परिषद, लहार के अध्यक्ष, शहरी विकास और मूलभूत सेवाओं में सुधार।
विधायी और राज्य सरकार में भूमिका:
1990: पहली बार लहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित। ग्रामीण सड़क, पेयजल और शिक्षा पर विशेष ध्यान।
1998–2000: मध्य प्रदेश सरकार में गृह विभाग के राज्य मंत्री। कानून-व्यवस्था सुधार और थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित।
2000–2003: सहकारिता विभाग (स्वतंत्र प्रभार) के मंत्री। सहकारी समितियों का पुनर्गठन और किसान ऋण प्रक्रिया में सुधार।
2018–2020: कैबिनेट मंत्री (सहकारिता, संसदीय कार्य और सामान्य प्रशासन)। सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, अवैध रेत खनन पर कार्रवाई, पंचायत और ग्रामीण विकास में तेजी।
2022–2023: मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष। सरकार को जवाबदेह बनाना और आदिवासी/ग्रामीण मुद्दों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना।
डॉ. गोविंद सिंह की राजनीति का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण विकास, पारदर्शी प्रशासन और जनता से सीधे जुड़ाव रहा है। उन्होंने किसानों, युवाओं और कर्मचारियों के हित में लगातार काम किया और जनहित मुद्दों को विधानसभा व राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया।