डॉ. गोविंद सिंह का जनà¥à¤® 1 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 1951 को गà¥à¤°à¤¾à¤® वैशपà¥à¤°à¤¾, जिला à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡, मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में हà¥à¤† था। उनके पिता का नाम ठाकà¥à¤° मथà¥à¤°à¤¾ सिंह और माता का नाम रामपà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥€ बाई है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾-दीकà¥à¤·à¤¾ अपने गांव और आसपास के सà¥à¤•ूलों में पूरी की। बाद में उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ के लिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जबलपà¥à¤° विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में दाखिला लिया, जहाठसे उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने B.A. (बैचलर ऑफ आरà¥à¤Ÿà¥à¤¸) की डिगà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की। इसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गवरà¥à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ट आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• कॉलेज, जबलपà¥à¤° से B.A.M.S. (बैचलर ऑफ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• मेडिसिन à¤à¤‚ड सरà¥à¤œà¤°à¥€) की डिगà¥à¤°à¥€ हासिल की।
छातà¥à¤° जीवन से ही डॉ. गोविंद सिंह समाज और राजनीति में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहे। वे 1974–75 में शासकीय आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, जबलपà¥à¤° के छातà¥à¤°à¤¸à¤‚घ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· बने और जबलपà¥à¤° विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ छातà¥à¤° संघ की कारà¥à¤¯à¤•ारिणी में à¤à¥€ शामिल हà¥à¤à¥¤ इस समय से ही उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ और समाजसेवी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर काम करना शà¥à¤°à¥‚ किया।
उनका पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• जीवन गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚, शिकà¥à¤·à¤¾ और समाज सेवा की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ से geprägt रहा, जिसने उनके à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के राजनीतिक और सामाजिक करियर की नींव रखी।