डॉ. गोविंद सिंह का जनà¥à¤® 1 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 1951 को गà¥à¤°à¤¾à¤® वैशपà¥à¤°à¤¾, जिला à¤à¤¿à¤£à¥à¤¡, मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में हà¥à¤†à¥¤ उनके पिता का नाम ठाकà¥à¤° मथà¥à¤°à¤¾ सिंह और माता का नाम रामपà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥€ बाई है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने परिवार से ही जीवन में ईमानदारी, मेहनत और समाज के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ जैसे मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को सीखा।
डॉ. गोविंद सिंह विवाहित हैं और उनके परिवार में पतà¥à¤¨à¥€, बचà¥à¤šà¥‡ और पोते-पोतियां शामिल हैं। परिवार के साथ-साथ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमेशा समाज और जनता की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ को अपनी पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता बनाया है। उनका वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त जीवन सरल और अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ रहा है, और वे हमेशा लोगों के करीब बने रहने पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करते हैं।
वे गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ और शहरी दोनों कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के लोगों से नियमित संपरà¥à¤• रखते हैं और उनकी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को समà¤à¤•र समाधान करने में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। शिकà¥à¤·à¤¾, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ विकास और सामाजिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ उनके वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त और पेशेवर जीवन के मूल सà¥à¤¤à¤‚ठरहे हैं।
डॉ. गोविंद सिंह का जीवन इस बात का उदाहरण है कि कैसे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त और सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सेवा को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करते हà¥à¤ समाज में सकारातà¥à¤®à¤• बदलाव लाया जा सकता है।